शमशाबाद, फर्रुखाबाद: भारतीय किसान यूनियन (Bhakimu) अराजनैतिक गुट के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में शनिवार को तहसील कायमगंज परिसर में किसान पंचायत (Kisan Panchayat) का आयोजन किया गया। पंचायत में दूर-दराज क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी ज्वलंत समस्याएं रखीं और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। पंचायत की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष बाबूराम पाल ने की, जबकि संचालन जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद सक्सेना ने किया। पंचायत के उपरांत किसानों ने प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ तथा जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को संबोधित 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी कायमगंज को सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने कहा कि भारत सरकार द्वारा बनाया गया यूजीसी कानून जनहित में नहीं है, इसे तत्काल वापस लिया जाए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़कों की हालत अत्यधिक खराब होने पर गहरी नाराजगी जताई गई। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल गड्ढे भरवाकर खानापूर्ति कर रहा है, जबकि सड़कों का स्थायी समाधान आवश्यक है। उदाहरण के तौर पर शमशाबाद से अताईपुर-कायमगंज मार्ग की बदहाल स्थिति का उल्लेख करते हुए क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग की गई।
किसानों ने निचली गंगा नहर की सफाई ठीक से न होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में नहर में पानी न पहुंचने से फसलें सूख रही हैं। ज्ञापन में नहर की समुचित सफाई कराकर टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की गई। वहीं गंगा कटरी क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि पिछले तीन वर्षों से लगातार बाढ़ के कारण फसलें नष्ट हो रही हैं, जिससे गरीब किसान कर्ज में डूब गए हैं। किसानों ने प्रशासनिक जांच कराकर पीड़ित किसानों का ऋण माफ कराने की मांग की।
इसके अलावा घरेलू बिजली किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराने, अंशदान निर्धारण में हो रही गलतियों को सही कराने तथा लापरवाह लेखपालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। अंत में किसानों ने भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए कृषि व्यापार समझौते पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष डॉ. प्रेमचंद सक्सेना, प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत, बाबूराम पाल, नीरज कुमार, घनश्याम सिंह, हुकुम सिंह यादव, प्रदेश महासचिव अनिल कुमार, प्रताप सिंह, पूजा देवी, नौरंगी लाल, राजवीर सिंह, रमेश चंद्र, मोतीलाल सहित बड़ी संख्या में किसान पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


