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Tuesday, February 24, 2026

लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर किसानों का प्रदर्शन

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मुआवजे की दरों पर उठे सवाल, सैकड़ों किसान सदर तहसील में जुटे

फर्रुखाबाद: जनपद में प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर किसानों में असंतोष लगातार गहराता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार के आह्वान पर सैकड़ों किसान सदर तहसील परिसर में एकत्र हुए और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन पर भूमि का सर्किल रेट वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम निर्धारित करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वर्तमान दरों पर अधिग्रहण किए जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उपजाऊ और अनुपजाऊ भूमि के मूल्यांकन में पारदर्शिता नहीं बरती गई है तथा सर्किल रेट तय करने की प्रक्रिया में भेदभाव किया गया है।

किसानों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखी गईं। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि भूमि अधिग्रहण का मुआवजा मौजूदा बाजार दरों के अनुरूप पुनः निर्धारित किया जाए। नगर पंचायत सीमा में आने वाले गांवों के लिए शहरी मानकों के आधार पर सर्किल रेट लागू किए जाएं। साथ ही लेआउट एवं अभिलेखीय त्रुटियों के पूर्ण निस्तारण से पूर्व रजिस्ट्री प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि किसान अपनी जमीन को औने-पौने दामों पर देने के लिए तैयार नहीं हैं। यदि किसानों की सहमति और मांगों को नजरअंदाज कर अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई, तो आंदोलन को जिलेभर में व्यापक रूप से फैलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का संघर्ष शांतिपूर्ण होगा, लेकिन अपनी मांगों को लेकर वे निर्णायक लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।

धरना-प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) विजेंद्र सिंह यादव सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रदर्शन में छविनाथ शाह, अरविंद गंगवार, अनुज राजपूत, राजीव यादव, सतीश कठेरिया, अंकित गंगवार समेत बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर उचित स्तर पर विचार का आश्वासन दिया गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को लेकर आगे की रणनीति क्या तय की जाती है।

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