लखनऊ। समाजवादी पार्टी के प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से आलू उत्पादक किसान भारी संकट का सामना कर रहे हैं और उन्हें उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
गोमती नगर स्थित लोहिया पार्क में समाजवादी विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा और एटा जैसे जिलों में किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात इतने खराब हैं कि कई किसानों ने आलू की खुदाई तक नहीं कराई और मजबूरी में ट्रैक्टर चलाकर पूरी फसल को खेत में ही जोत दिया।
सपा प्रमुख ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने आलू खरीद का वादा किया था, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि खरीद के लिए कितना बजट निर्धारित किया गया है और किसानों को इसका लाभ कब मिलेगा। उन्होंने इसे किसानों के साथ धोखा बताते हुए सरकार से पारदर्शिता की मांग की।
निवेश के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए एमओयू (समझौता ज्ञापन) के जरिए घोषित निवेश में से कितना वास्तव में धरातल पर उतरा है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि किस औद्योगिक नीति के तहत निवेश आया और उससे प्रदेश के युवाओं को कितने रोजगार प्राप्त हुए।
महंगाई और रसोई गैस की समस्या पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे आम जनता और छोटे कारोबारी दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है और सरकार इस पर नियंत्रण करने में विफल साबित हो रही है।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और कई मामलों में दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जनता का भरोसा कानून व्यवस्था पर कमजोर पड़ रहा है।


