फर्रुखाबाद: दि किसान सहकारी चीनी मिल (The Kisan Cooperative Sugar Mill) में गन्ने की घटतौली को लेकर किसानों (Farmer) में भारी आक्रोश देखने को मिला। आरोप है कि जीएम का चार्ज संभालते ही चीनी मिल में घटतौली का खेल शुरू हो गया, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अलग काटे पर कराई जा रही तौल
किसानों का कहना है कि चीनी मिल में गन्ने की तौल अलग-अलग काटों पर कराई जा रही है। इस प्रक्रिया में तौल में करीब 3 से 4 कुंटल तक का अंतर सामने आ रहा है। किसानों का आरोप है कि जानबूझकर तौल में हेराफेरी कर उन्हें कम भुगतान दिया जा रहा है। घटतौली के आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में किसानों ने मिल परिसर में हंगामा किया और निष्पक्ष तौल की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
पूरा मामला कायमगंज स्थित दि किसान सरकारी सहकारी चीनी मिल से जुड़ा हुआ है। किसानों की मांग है कि तौल प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन और मिल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।


