औरैया
जनपद के अजीतमल क्षेत्र में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। खेत में गेहूं की कटाई कर रहे एक किसान पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में किसान की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और आठ वर्षीय मासूम बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शेखूपुर आधार सिंह निवासी करीब 55 वर्षीय संतोष दोहरे अपने परिवार के साथ खेत पर गेहूं की फसल काटने गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी राजरानी और छोटी बेटी अंजलि भी मौजूद थीं। दोपहर के समय जब वे फसल कटाई में व्यस्त थे, तभी अचानक पास में मौजूद मधुमक्खियों का झुंड भड़क उठा और तीनों पर एक साथ टूट पड़ा। मधुमक्खियों के इस अचानक हमले से तीनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे चीखते-चिल्लाते हुए इधर-उधर भागने लगे।
हमले की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे अन्य किसान तुरंत मौके पर पहुंचे और तीनों को बचाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद धुआं करके मधुमक्खियों को भगाया। करीब 20 से 25 मिनट की जद्दोजहद के बाद किसी तरह तीनों को उनके चंगुल से बाहर निकाला जा सका। तब तक संतोष दोहरे गंभीर रूप से घायल हो चुके थे और उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।
इसके बाद परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में तीनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेवा लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही संतोष दोहरे ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं उनकी पत्नी राजरानी और बेटी अंजलि का इलाज अस्पताल में जारी है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली पुलिस द्वारा मामले की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं गांव में इस दर्दनाक घटना के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग मृतक के परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास अक्सर मधुमक्खियों के छत्ते पाए जाते हैं, लेकिन इस तरह का जानलेवा हमला पहले कभी देखने को नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थानों की पहचान कर उचित सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना किसानों के लिए भी एक चेतावनी बनकर सामने आई है कि खेतों में काम करते समय संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है।


