फर्रुखाबाद। विकास खंड नवाबगंज की ग्राम पंचायत कुतुबुद्दीनपुर में पंचायत राज व्यवस्था को दरकिनार कर कथित रूप से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के सदस्यों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए प्रधान और सचिव पर वर्ष 2021 से अब तक पंचायत की कोई भी विधिवत बैठक न कराने, सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर करने और मनमाने ढंग से विकास योजनाएं संचालित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2021 से अब तक न तो ग्राम पंचायत की कोई खुली बैठक कराई गई और न ही किसी सदस्य को पंचायत के विकास कार्यों या योजनाओं की जानकारी दी गई। पंचायत राज अधिनियम 1947 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन करते हुए प्रधान द्वारा सभी निर्णय स्वयं लिए जा रहे हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के सदस्यों के हस्ताक्षर बिना उनकी जानकारी के दस्तावेजों पर किए जा रहे हैं। कार्य योजनाओं, समिति गठन और अन्य अभिलेखों में सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। सदस्यों ने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी दस्तावेज पर उनके हस्ताक्षर पाए जाते हैं, तो वे पूरी तरह फर्जी होंगे।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख है कि जब सदस्यों ने प्रधान से इस संबंध में सवाल किया, तो प्रधान के कथित प्रतिनिधि ने धमकी भरे लहजे में कहा कि “हम अपनी मर्जी से काम करते हैं, कोई कुछ नहीं कर सकता।” सदस्यों का आरोप है कि आवाज उठाने पर उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रधान और सचिव की मिलीभगत से पंचायत में लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई कार्य नजर नहीं आ रहा।
जांच और कठोर कार्रवाई की मांग
ग्राम पंचायत सदस्यों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, फर्जी हस्ताक्षर कर योजनाएं बनाने और सरकारी धन का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कानूनी कार्रवाई कर पंचायत की पारदर्शिता बहाल करने की अपील की गई है।

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