कानपुर और फ़तेहगढ़ में ‘ऑपरेशन महाकाल’ की तर्ज पर गोपनीय जांच
लखनऊ/कानपुर/फर्रुखाबाद। जिले में हाल ही में सामने आया कि कुछ चर्चित वकील और हाल ही में वकील बने युवा लोग, कचहरी का रौब दिखाकर लोगों पर फ़र्ज़ी मुकदमे दर्ज कर ठगी कर रहे थे। इन मामलों में अधिकारी, नेता, व्यापारी और पत्रकार तक शिकार बन चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, कानपुर के वरिष्ठ वकील अखिलेश दुबे पर इस तरह की गतिविधियों के चलते कार्यवाही की गई। वहीं, फ़तेहगढ़ में भी ‘ऑपरेशन महाकाल’ की तर्ज पर ऐसे मामलों की गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह सामने आया है कि वकीलों द्वारा कानून का मज़ाक बनाकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की जा रही थी।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इन मामलों को गोपनीय रखकर तेजी से चिन्हित कर रहे हैं। खास बात यह है कि हाल में नए बने कई युवा वकील भी इस जाल में शामिल पाए गए हैं। जांच में यह देखने पर जोर दिया जा रहा है कि कौन-कौन से वकील और उनके समूह इस अवैध नेटवर्क में सक्रिय हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले न केवल कानून व्यवस्था की गंभीर समस्या हैं, बल्कि सामाजिक विश्वास और न्यायपालिका की छवि पर भी असर डालते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में इस तरह की ठगी को रोकने के लिए सख्त कानूनी संदेश दिया जाए।
यह जांच अब तक की सबसे सटीक और गोपनीय पहल मानी जा रही है। जनता की सुरक्षा और न्याय के भरोसे के लिए यह आवश्यक है कि कानून का इस्तेमाल किसी के व्यक्तिगत लाभ के लिए न हो। ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत यह कदम इस दिशा में एक निर्णायक संदेश साबित हो सकता है।


