लखनऊ| प्रदेश में अपराध जांच को और अधिक वैज्ञानिक, सटीक और प्रभावी बनाने के लिए डीजीपी मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की सभी फील्ड यूनिट्स में फोरेंसिक विशेषज्ञ के कुल 758 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती की जाएगी। इससे अपराध स्थल पर साक्ष्य संग्रहण, संरक्षण और परीक्षण की पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक मजबूत और विश्वसनीय हो सकेगी।जारी जानकारी के अनुसार, फोरेंसिक विशेषज्ञ के विभिन्न स्तरों पर पद इस प्रकार हैं ग्रेड-1 के 75 पद,ग्रेड-2 के 183 पद,ग्रेड-3 के 500 पद।इन पदों के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता विज्ञान विषय में स्नातक और परास्नातक रखी गई है। चयन में उन अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने फोरेंसिक अभिरुचि और क्षमता संबंधी परीक्षा उत्तीर्ण की है। यह परीक्षा उम्मीदवारों की वैज्ञानिक समझ, तकनीकी दक्षता और अपराध स्थल पर काम करने की क्षमता का आकलन करती है।
चयनित फोरेंसिक विशेषज्ञों को घटनास्थल पर जाकर संरक्षण, वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, उनकी पैकिंग, पंजीकरण और प्रयोगशालाओं तक सुरक्षित प्रेषण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य करने होंगे। इनके शामिल होने से विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की तकनीकी कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।प्रदेश में कानून-व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत सूचना और आवेदन संबंधी दिशानिर्देश जल्द ही विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। इससे योग्य युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और प्रदेश की अपराध जांच प्रणाली भी नई वैज्ञानिक क्षमता से सशक्त होगी।
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