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Friday, March 27, 2026

फर्रुखाबाद में फ़र्ज़ी डॉक्टरों का खेल: बिना रजिस्ट्रेशन इलाज और अल्ट्रासाउंड, जनता की जान से खिलवाड़!

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– डॉ. अमित शुक्ला और डॉ. शिवानी शुक्ला पर गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
– शासन ने लिया संज्ञान, सीएमओ की साठ गांठ की जांच की भी तैयारी

फर्रुखाबाद: फर्रुखाबाद जिले (Farrukhabad) में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल एक बार फिर खुल गई है। लोहाई रोड स्थित एक अस्पताल में बिना वैध रजिस्ट्रेशन और मान्यता के इलाज करने और अल्ट्रासाउंड (ultrasound) करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित सुभाष नगर निवासी सुनील कुमार गौतम ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को शिकायती पत्र भेजते हुए आरोप लगाया है कि डॉ. अमित शुक्ला और डॉ. शिवानी शुक्ला न तो किसी अधिकृत पंजीकरण के तहत डॉक्टर हैं, न ही उनकी डिग्रियाँ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) अथवा उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल (UPMC) की वेबसाइट पर पंजीकृत हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त दोनों चिकित्सकों ने न केवल उसका इलाज किया बल्कि बिना किसी प्रमाणिकता के गंभीर बीमारियों की दवा और सलाह दी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। सही इलाज मिलने पर उसे राहत मिली, जिसके बाद उसने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की।

शिकायत में बताया गया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन मौजूद है, लेकिन उसे कोई प्रमाणित रेडियोलॉजिस्ट नहीं चला रहा। सारी रिपोर्ट खुद को डॉक्टर कहने वाले अमित शुक्ला द्वारा बनाई जा रही हैं। मेडिकल स्टोर पर भी कोई योग्य फार्मासिस्ट नहीं है, और वार्ड में कोई प्रशिक्षित नर्स या वार्डबॉय तक नहीं है।

शिकायती पत्र में उल्लेख है कि पिछले 10 दिनों से अस्पताल की निगरानी के दौरान करीब 500 मरीजों का इलाज हुआ, लेकिन किसी भी दिन कोई अधिकृत डॉक्टर या नर्स मौजूद नहीं थी। सभी मरीजों को फ़र्ज़ी डॉ. अमित शुक्ला और शिवानी शुक्ला ने देखा।

सुनील गौतम ने मांग की है कि इन फ़र्ज़ी डॉक्टरों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए और अस्पताल को तत्काल सील किया जाए ताकि भविष्य में किसी की जान से खिलवाड़ न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला केवल एक अस्पताल का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनदेखी का जीता-जागता उदाहरण है। अब देखना यह होगा कि स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है। क्या इन कथित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी या मामला कागज़ों तक ही सिमट जाएगा?

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