लखनऊ: राजधानी लखनऊ में फर्जी शैक्षिक दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए PhD डिग्रीधारी व्यक्ति द्वारा संचालित फर्जी डिग्री–मार्कशीट रैकेट (Fake degree-marksheet gang) का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देशभर के नामी विश्वविद्यालयों की नकली डिग्रियां और मार्कशीट तैयार कर ऊंचे दामों पर बेच रहा था।
पुलिस ने गोमतीनगर क्षेत्र से सतेंद्र, अखिलेश और सौरभ को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि गोमतीनगर स्थित एक प्रिंटिंग शॉप में नकली डिग्रियां और मार्कशीट छापी जा रही थीं, जिन्हें बाद में देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाता था।
पुलिस के अनुसार गिरोह सामान्य डिग्री 25 हजार रुपये से प्रोफेशनल और उच्च डिग्री 4 लाख रुपये तक में बेचता था। ग्राहक की मांग के अनुसार विश्वविद्यालय, वर्ष और अंक तक फर्जी तरीके से तैयार किए जाते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 923 फर्जी मार्कशीटें,15 फर्जी मोहरें, ₹2 लाख नकद, नीला इंक पैड, 65 मार्कशीट पेपर,6 लैपटॉप बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह देशभर के करीब 25 विश्वविद्यालयों की नकली डिग्रियां और प्रमाणपत्र तैयार करता था।
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह केवल लखनऊ तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल सरकारी नौकरियों, निजी कंपनियों शैक्षणिक संस्थानों में किया जा रहा था, जो न केवल कानूनन अपराध है बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा है।


