तहसीलदार के नेतृत्व में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में भर गया शव का पंचनामा

फर्रुखाबाद। केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में बंद दुष्कर्म के आरोपी बंदी की शुक्रवार को फांसी लगने से मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही शनिवार को परिजन जेल पहुंचे और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया। मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में भी हलचल बनी रही।
जानकारी के अनुसार थाना मेरापुर क्षेत्र के गांव सिलसंडा निवासी प्रभात उर्फ प्रभाकर पुत्र स्वर्गीय राजकुमार वर्ष 2023 से दुष्कर्म के मामले में सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। गांव की ही रहने वाली प्रेमलता पत्नी राजेश ने प्रभात के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें न्यायालय द्वारा उसे सजा सुनाई गई थी। तब से वह केंद्रीय कारागार फतेहगढ़ में निरुद्ध था।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार को जेल के अंदर प्रभात ने कथित रूप से फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। शनिवार को मृतक के परिजन जेल पहुंचे और उन्होंने जेल प्रशासन पर षड्यंत्र के तहत हत्या करने का आरोप लगाया।
मृतक की पत्नी कल्पना और मां कमला देवी ने बताया कि तीन दिन पूर्व ही फोन पर प्रभात से उनकी बातचीत कराई गई थी और उस समय वह पूरी तरह सामान्य था। ऐसे में अचानक फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की बात परिजनों के गले नहीं उतर रही है। परिजनों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
शनिवार को लोहिया अस्पताल में तहसीलदार सनी कनौजिया के नेतृत्व में पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात रहा।
बताया गया है कि मृतक के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक की पत्नी ने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है।

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