कासगंज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद अब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जनपद कासगंज में यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू किया जाएगा। इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षकों की मनमानी और अनियमित उपस्थिति पर रोक लगाने के उद्देश्य से मूल्यांकन केंद्रों पर बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए नियुक्त किए गए परीक्षक निर्धारित समय पर ही मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंच सकेंगे। अब परीक्षक अपनी सुविधा के अनुसार देर से आने या समय से पहले जाने की मनमानी नहीं कर पाएंगे। मूल्यांकन केंद्रों पर बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था की गई है, जिससे परीक्षकों के आने और जाने का समय स्वतः दर्ज हो जाएगा। इससे अधिकारियों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि कौन सा परीक्षक समय पर उपस्थित हुआ और कौन अनुपस्थित रहा।
मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले 17 मार्च को सभी परीक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में परीक्षकों को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से संबंधित दिशा-निर्देश, अंकन प्रणाली, उत्तरों के मूल्यांकन के मानक और पारदर्शिता बनाए रखने के तरीके विस्तार से बताए जाएंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी परीक्षक निर्धारित मानकों के अनुसार निष्पक्ष और सटीक मूल्यांकन कर सकें।
बताया गया है कि इस बार परीक्षकों को ऑनलाइन जनरेट किए गए परिचय पत्र उपलब्ध कराए गए हैं, जिन पर जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिहस्ताक्षर भी होंगे। मूल्यांकन केंद्र पर प्रवेश के समय परीक्षकों को यह परिचय पत्र साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। बिना वैध परिचय पत्र के किसी भी परीक्षक को मूल्यांकन केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मूल्यांकन केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखना है।
अक्सर यह देखा जाता था कि कुछ परीक्षक देर से पहुंचते थे या निर्धारित समय से पहले ही केंद्र से चले जाते थे, जबकि कई बार अनुपस्थिति की जानकारी भी अधिकारियों तक समय पर नहीं पहुंच पाती थी। इस समस्या को देखते हुए परिषद ने इस बार बायोमेट्रिक या ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था जिला कंट्रोल रूम और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से भी जुड़ी रहेगी, जिससे हर परीक्षक की उपस्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक जे.पी. जगदीश प्रसाद शुक्ल ने बताया कि मूल्यांकन केंद्रों के उपनियंत्रकों को प्रतिदिन उपस्थित और अनुपस्थित परीक्षकों का विवरण तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराना होगा। उन्होंने कहा कि सभी परीक्षकों को समय से केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा और मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि बायोमेट्रिक हाजिरी व्यवस्था लागू होने से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी, समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा होगा और छात्रों के परीक्षा परिणाम भी निर्धारित समय पर घोषित किए जा सकेंगे।


