अधूरी तैयारियों और ऑनलाइन भुगतान की कमी से बढ़ी परेशानी
इटावा: इटावा–बरेली मार्ग (Etawah–Bareilly route) पर चौबिया थाना क्षेत्र के बख्तियारपुरा गांव के पास बुधवार सुबह आठ बजे इटावा के पहले टोल प्लाजा का शुभारंभ किया गया। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित इस टोल प्लाजा को बनारस की अंशिका इंटरप्राइजेज कंपनी को तीन माह के ट्रायल के आधार पर संचालन के लिए सौंपा गया है। शुभारंभ के साथ ही टोल प्लाजा की सभी छह लेन चालू कर दी गईं, लेकिन अधूरी तैयारियों के कारण पहले ही दिन इस मार्ग पर भीषण जाम (traffic jam) की स्थिति बन गई और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
टोल प्लाजा के उद्घाटन अवसर पर अंशिका इंटरप्राइजेज के मालिक संदीप उपाध्याय और टोल प्लाजा मैनेजर अनुराग चौहान मौजूद रहे। आचार्य ऋषभदेव द्वारा विधि-विधान से पूजा-पाठ कराया गया। पहले वाहन के रूप में लखनऊ से ग्वालियर जा रहे मिनी ट्रक चालक किशन यादव पहुंचे, जिनके वाहन का पूजन कर उन्हें रवाना किया गया। इसके साथ ही इस मार्ग से गुजरने वाले सभी वाहनों को टोल शुल्क देकर यात्रा करनी शुरू करनी पड़ी।
टोल प्लाजा शुरू होने से सबसे अधिक असर आसपास के ग्रामीण इलाकों और बसरेहर तथा जिला मुख्यालय इटावा आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों पर पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब रोजाना सफर करने वालों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। टोल प्लाजा मैनेजर अनुराग चौहान के अनुसार कार के लिए इटावा से किशनी की ओर जाने पर 50 रुपये और वापसी पर 80 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। बस और ट्रक के लिए एक तरफ का टोल 175 रुपये और वापसी पर 265 रुपये रखा गया है। कॉमर्शियल वाहनों से एक तरफ 190 रुपये और वापसी पर 290 रुपये वसूले जाएंगे, जबकि ओवर साइज वाहनों के लिए 335 रुपये एक तरफ और 505 रुपये वापसी का टोल तय किया गया है। कृषि कार्य में लगे वाहन, ऑटो और बाइक को टोल से मुक्त रखा गया है।
हालांकि टोल शुरू होते ही अव्यवस्थाएं सामने आ गईं। इटावा–फर्रुखाबाद मार्ग पर बख्तियारपुरा चौराहे के पास दिनभर जाम लगा रहा। वाहन चालकों का कहना था कि आधी-अधूरी तैयारियों के बीच टोल प्लाजा चालू कर दिया गया। रोडवेज बस चालकों ने बताया कि टोल शुरू होने की पूर्व सूचना न तो परिवहन निगम को दी गई और न ही मार्ग पर कहीं संकेतक बोर्ड लगाए गए। कई लेनों में बूम सही से काम नहीं कर रहे थे, जिन्हें कर्मचारी हाथ से उठाते नजर आए।
ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था पूरी तरह से चालू न होने से भी स्थिति बिगड़ी।
यूपीआई से भुगतान न हो पाने, पर्चियों में गलत रकम दर्ज होने, दो लग्जरी कारों पर बूम गिरने और फास्टटैग की कमी के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। रोडवेज बसों, स्कूली बसों और स्थानीय वाहनों में फास्टटैग न होने से यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी। कई बार वाहन चालकों और टोल कर्मियों के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बन गई।
वाहन चालकों का कहना था कि टोल प्लाजा शुरू होने की जानकारी कम से कम दो दिन पहले बोर्ड या सूचना माध्यमों से दी जानी चाहिए थी, जिससे लोग तैयार रहते और जाम की स्थिति न बनती। सुबह से ही प्लाजा पर वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इस संबंध में टोल प्लाजा मैनेजर अनुराग चौहान ने कहा कि आज टोल की शुरुआत हुई है, शुरुआती दिन कुछ कमियां सामने आई हैं, जिन्हें जल्द ही दूर कर लिया जाएगा और व्यवस्थाएं सुचारू कर दी जाएंगी।


