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Wednesday, February 18, 2026

एपस्टीन फाइल्स में ‘ट्रम्पेट फ्लांट’ का जिक्र, स्कोपोलामीन को लेकर बढ़ी चर्चा

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Jeffrey Epstein से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। हालिया रिपोर्टों में तथाकथित “ट्रम्पेट फ्लांट” या “जॉम्बी फ्लावर” का उल्लेख चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि इस पौधे से जुड़े रसायनों का मानव मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

News18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एपस्टीन से जुड़े एक ईमेल में उन्होंने अपने एक सहयोगी से नर्सरी में मौजूद ट्रम्पेट फ्लांट और स्कोपोलामीन नामक रसायन के बारे में जानकारी लेने को कहा था। ईमेल में कथित तौर पर इस पदार्थ को व्यक्ति की “फ्री विल” यानी स्वतंत्र इच्छा को प्रभावित करने वाला बताया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेजों में स्पष्ट नहीं है।

जिस “जॉम्बी फ्लावर” का जिक्र किया गया है, वह आमतौर पर दो पौधों की प्रजातियों के लिए प्रयुक्त शब्द है—Brugmansia (एंजेल्स ट्रम्पेट) और Datura। ये पौधे अपने बड़े, तुरही जैसे लटकते फूलों के कारण सजावटी रूप से दुनिया भर में लगाए जाते हैं। देखने में आकर्षक होने के बावजूद इनके सभी भाग विषैले माने जाते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार इन पौधों में ट्रोपेन एल्कलॉइड्स नामक प्राकृतिक रसायन पाए जाते हैं, जिनमें स्कोपोलामीन भी शामिल है। यह रसायन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डाल सकता है। नियंत्रित और चिकित्सकीय मात्रा में इसका उपयोग कुछ मेडिकल स्थितियों, जैसे मोशन सिकनेस और सर्जरी के बाद होने वाली मतली, के उपचार में किया जाता है।

हालांकि अधिक मात्रा या दुरुपयोग की स्थिति में स्कोपोलामीन गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है। अत्यधिक सेवन से भ्रम, याददाश्त में कमी, चेतना में बदलाव और तंत्रिका तंत्र का दमन जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। इसी वजह से इसे अनौपचारिक रूप से “डेविल्स ब्रीथ” या “जॉम्बी ड्रग” जैसे नामों से भी जोड़ा गया है, हालांकि इन शब्दों का प्रयोग प्रायः सनसनीखेज संदर्भों में किया जाता है।

एपस्टीन फाइल्स में इस संदर्भ का उल्लेख सामने आने के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इन ईमेल संदर्भों का किसी आपराधिक गतिविधि से सीधा संबंध स्थापित हुआ है या नहीं। जांच एजेंसियों की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तथ्यों और वैज्ञानिक जानकारी को सनसनी से अलग करके देखना जरूरी है। जहरीले पौधों और उनके रसायनों का अध्ययन लंबे समय से चिकित्सा और विष विज्ञान के क्षेत्र में होता रहा है, लेकिन इनके दुरुपयोग से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।

फिलहाल एपस्टीन से जुड़ी फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद कई पहलुओं की जांच जारी है। ट्रम्पेट फ्लांट और स्कोपोलामीन से जुड़ा यह उल्लेख भी उसी व्यापक जांच और विश्लेषण का हिस्सा माना जा रहा है।

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