नई दिल्ली| देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट से जूझ रही है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि इसका सीधा और गंभीर असर हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है। लगातार उड़ानें रद्द होने, घंटों देरी और हवाई किराए में अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने यात्रियों की यात्रा योजनाओं को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते दो दिनों में ही एयरलाइन को मजबूरन 200 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं, जबकि देश के आठ बड़े एयरपोर्ट्स पर ही 150 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल होने से अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।
बेंगलुरु में अकेले 42 उड़ानें, दिल्ली में 38, अहमदाबाद में 25, हैदराबाद में 19, इंदौर में 11, कोलकाता में 10 और सूरत में 8 फ्लाइट्स रद्द हुईं। कई उड़ानें घंटों की देरी से रवाना हुईं—जिससे एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की लंबी कतारें दिखीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार को कई यात्री घंटों अपनी फ्लाइट का इंतजार करते रहे। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए जिनमें परेशान यात्री स्टाफ से बहस करते दिखे।
इंडिगो की उड़ानों में इस भारी गड़बड़ी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं—कहीं तकनीकी खामियां, कहीं गंभीर क्रू की कमी, तो कई मामलों में यात्रियों को देरी का कोई ठोस कारण तक नहीं बताया गया। इसी बीच एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इंडिगो पायलटों की भारी कमी छिपा रही है और उड़ानों की देरी-रद्दीकरण को आधार बनाकर सरकार से FDTL नियमों में ढील चाहती है। यह संकट केवल पायलट शॉर्टेज का नहीं, बल्कि नियम बदलवाने की कोशिश जैसा प्रतीत हो रहा है।
उधर, उड़ान संचालन में अराजकता का सीधा असर हवाई किराए पर भी दिखा। दिल्ली–मुंबई जैसे व्यस्त रूट पर जहां सामान्य दिनों में टिकट 4,000–5,000 रुपये में मिल जाता था, वह अब 21,000–25,000 रुपये तक पहुंच गया है। क्रिसमस और नए साल के सीजन में यात्रा कर रहे यात्रियों को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट बेड़ा रखने वाली इंडिगो के पास वर्तमान में 434 विमान, रोजाना 2300 से अधिक उड़ानें, 5456 पायलट, 10,212 केबिन क्रू और कुल 41 हजार से अधिक कर्मचारी हैं—इसके बावजूद कंपनी क्रू की भारी कमी का सामना कर रही है।
बढ़ते आक्रोश के बीच इंडिगो ने बयान जारी कर यात्रियों से माफी मांगी है और कहा है कि संचालन बुरी तरह प्रभावित है तथा अगले 48 घंटों में सुधार की कोशिश की जाएगी। कंपनी ने संकट के लिए तकनीकी खामियां, भीड़, खराब मौसम और डीजीसीए के एफडीटीएल नियमों को जिम्मेदार बताया।
यह हालात देखते हुए यात्रा कर रहे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट समय से काफी पहले पहुंचें, एयरलाइन ऐप/वेबसाइट पर लाइव स्टेटस देखते रहें और फ्लाइट कैंसिल होने पर रिफंड, रीबुकिंग या री-रूटिंग के विकल्पों पर तुरंत कार्रवाई करें।





