7.8 C
Lucknow
Monday, January 12, 2026

2047 के विजन से जुड़े हर बजट पर जोर, नीति आयोग में अर्थशास्त्रियों संग बोले पीएम मोदी

Must read

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मंगलवार को नीति आयोग में देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 (union budget) से पहले अर्थव्यवस्था की दिशा और दशा पर गहन विचार-विमर्श किया। इस बैठक का उद्देश्य भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक ठोस और व्यावहारिक रणनीति तैयार करना रहा।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है जब विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों को मिशन मोड में लागू किया जाए, ताकि देश वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभा सके। नीति आयोग में आयोजित इस बैठक का मुख्य विषय ‘आत्मनिर्भरता और संरचनात्मक परिवर्तन: विकसित भारत के लिए एजेंडा’ रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प अब केवल सरकारी नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक आकांक्षा बन चुका है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नीति-निर्धारण और बजट प्रक्रिया को 2047 के दीर्घकालिक विजन से लगातार जोड़े रखना होगा और देश को विश्व स्तरीय क्षमताओं के निर्माण के साथ-साथ वैश्विक बाजारों के साथ गहरे एकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। बैठक में वर्ष 2025 के दौरान हुए प्रमुख आर्थिक सुधारों और उनके प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने जीएसटी स्लैब में बदलाव, आयकर अधिनियम 2025 के लागू होने और बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश जैसे फैसलों को आर्थिक ढांचे को मजबूत करने वाला बताया।

प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक कार्यबल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की जरूरत पर बल दिया। इस दौरान विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ाने, प्रतिस्पर्धात्मकता सुनिश्चित करने, घरेलू बचत को प्रोत्साहित करने और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने जैसे विषयों पर भी व्यापक विमर्श हुआ।

इस अहम बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति ने इसके महत्व को और बढ़ा दिया। नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, सीईओ बीवीआर ब्रमण्यम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ इस मंथन में शामिल रहे। माना जा रहा है कि यह बैठक 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेषज्ञों से आह्वान किया कि भारत को न केवल अपनी आंतरिक चुनौतियों से निपटना है, बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में नेतृत्वकारी भूमिका भी निभानी है। सरकार का फोकस अब जटिल अनुपालनों को कम करने और व्यापार सुगमता को अगले स्तर तक ले जाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत अपने लोगों की नवाचार क्षमता और युवाओं के जोश के बल पर आज वैश्विक ध्यान का केंद्र बनकर उभरा है और दुनिया भारत को आशा व विश्वास की दृष्टि से देख रही है।

इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया और लिंक्डइन पर साझा किए गए लेख में वर्ष 2025 को भारत की सुधार यात्रा का ऐतिहासिक वर्ष बताया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष पिछले 11 वर्षों में हुई प्रगति पर आधारित निर्णायक सुधारों के लिए याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री के अनुसार, दुनिया भारत में हो रहे अगली पीढ़ी के सुधारों की सराहना कर रही है, जिनका उद्देश्य देश की विकास क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि सुधारों का सबसे बड़ा इंजन भारत की युवा आबादी, उसकी ऊर्जा और अदम्य साहस है, जिसने दीर्घकालिक और समावेशी विकास की मजबूत नींव रखी है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article