कानपुर: मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) (CEC) ज्ञानेश कुमार ने आज दोहराया कि चुनाव आयोग यह स्पष्ट करना चाहता है कि बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly elections) में हिंसा के प्रति उसकी ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने यहाँ एक समारोह के दौरान घोषणा की, किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम मतदाता अपनी इच्छानुसार, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से मतदान कर सकें। चुनाव आयोग इसके लिए पूरी तरह तैयार है। बिहार में ये चुनाव न केवल पारदर्शिता, बल्कि दक्षता, सादगी और उत्सवी माहौल का भी उदाहरण प्रस्तुत करेंगे।
ज्ञानेश कुमार ने कहा, बिहार चुनाव का समय आ गया है। सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं से अपील कर रहे हैं। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि चुनाव आयोग के लिए कोई सरकार समर्थक या विरोधी रुख नहीं है; सभी समान हैं। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को, दूसरे चरण का 11 नवंबर को और मतगणना 14 नवंबर को होगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने ज़ोर देकर कहा, मैं मतदाताओं से इस चुनावी मौसम को उत्सव की तरह मनाने और मतदान करने की अपील करता हूँ। आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है कि मतदाता स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से मतदान करें। उन्होंने कहा, बिहार चुनाव के लिए 243 रिटर्निंग ऑफिसर, इतने ही पर्यवेक्षक, ज़िला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) तैनात हैं। हमें विश्वास है कि बिहार का यह चुनाव पारदर्शिता, दक्षता और सादगी का प्रतीक होगा और न केवल भारत बल्कि दुनिया के लिए एक मिसाल कायम करेगा।
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान है।उन्होंने कहा, दूसरे चरण में अन्य राज्यों के 51 करोड़ मतदाताओं की सूचियों का शुद्धिकरण किया जाएगा और यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। जब यह प्रक्रिया पूरे देश में पूरी हो जाएगी, तो आपको न केवल अपने चुनाव आयोग पर गर्व होगा।
सीईसी ने आईआईटी कानपुर के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया और स्वरूप नगर स्थित टीएसएच स्पोर्ट्स हब में आयोजित माथुर वैश्य समाज के कार्यक्रम में भी शामिल हुए।


