ट्रांसफर के बाद भी जमे वरिष्ठ प्रबंधक, शासन के आदेशों की अनदेखी के आरोप
नोएडा। औद्योगिक नगरी नोएडा में एक बार फिर प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नोएडा प्राधिकरण में तैनात वरिष्ठ प्रबंधक सतेंद्र गिरी का 27 जनवरी को ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद अब तक कार्यमुक्त न होने का मामला चर्चा में है।
सूत्रों के अनुसार सतेंद्र गिरी का तबादला उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में किया गया था। आदेश के मुताबिक उन्हें यूपीसीडा में वर्क सर्किल-6 का चार्ज सौंपा गया, लेकिन इसके बावजूद वे नोएडा प्राधिकरण में ही जमे हुए हैं।
शासन के आदेशों की अनदेखी?
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि शासन स्तर से जारी तबादला आदेशों का समय पर अनुपालन न होना गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। नियमों के अनुसार किसी भी अधिकारी को निर्धारित समयावधि में कार्यभार हस्तांतरित कर नई तैनाती स्थल पर ज्वाइन करना होता है।
बताया जा रहा है कि सतेंद्र गिरी पिछले करीब 10 वर्षों से नोएडा प्राधिकरण में तैनात हैं। इतनी लंबी तैनाती पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सामान्यतः संवेदनशील पदों पर लंबे समय तक एक ही अधिकारी की तैनाती प्रशासनिक पारदर्शिता के लिहाज से उचित नहीं मानी जाती।
मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। यदि ट्रांसफर आदेश के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है तो यह शासनादेश की अवहेलना की श्रेणी में आ सकता है।
प्राधिकरण के उच्चाधिकारियों की चुप्पी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब देखना होगा कि शासन स्तर से इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।





