लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बुधवार शाम से पश्चिमी जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिसका असर अब पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यह बदलाव 21 मार्च तक जारी रहेगा और गुरुवार को प्रदेशभर में बारिश होने की संभावना है।
बुधवार देर शाम नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली से सटे इलाकों में अचानक तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि प्रभावित क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
इस मौसम बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई देगा। अगले दो दिनों में प्रदेशभर में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। बुधवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक 19 मार्च से शुरू हुआ यह बदलाव 20 मार्च को और अधिक प्रभावी होगा, जब पूरे प्रदेश में तेज हवाओं और बारिश का व्यापक असर देखने को मिलेगा।
प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। इनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, आगरा, फिरोजाबाद और बिजनौर सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। वहीं मेरठ, बागपत, हापुड़, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।


