– ड्रोन और मिसाइल अलर्ट के बीच जारी उड़ानें
दुबई। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले की आशंका के बीच कई आने वाले विमानों को हवा में ही कुछ समय के लिए होल्ड करना पड़ा। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा पर गंभीर बहस शुरू हो गई है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइल या ड्रोन इंटरसेप्शन के बाद आसमान से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आईं। इसके चलते दुबई एयरस्पेस के आसपास उड़ान भर रहे विमानों को एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए रोका गया।
हालांकि इन खतरों के बावजूद दुबई एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन पूरी तरह बंद नहीं किया गया और विमान सेवाएं जारी रहीं। इसी फैसले को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि जब क्षेत्र में लगातार खतरे की आशंका बनी हुई है तो दुबई एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद क्यों नहीं किया गया।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि दुबई दुनिया के सबसे व्यस्त एयर ट्रांजिट हब में से एक है। यहां से रोजाना सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं। ऐसे में एयरस्पेस को पूरी तरह बंद करना आर्थिक और लॉजिस्टिक दृष्टि से बेहद बड़ा निर्णय होता है।
लेकिन दूसरी ओर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी यात्री विमान को ड्रोन या मिसाइल से खतरा होता है तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अब यह बहस तेज हो गई है कि ऐसे संवेदनशील हालात में हवाई सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जाने चाहिए।
ईरानी मिसाइलों के खतरे के साये में दुबई एयरपोर्ट, विमानों को हवा में रोका गया


