संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हालिया सैन्य हमलों के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि देश पर हुए हमलों में दो और लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही संघर्ष की शुरुआत से अब तक मृतकों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है। लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में कुल नौ ड्रोन गिराए गए। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बल लगातार सतर्क हैं और किसी भी नए खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
मंत्रालय ने बताया कि हमलों की ताजा लहर के दौरान सुरक्षा बलों ने आठ मिसाइलों और 26 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। इससे बड़े नुकसान को टालने में मदद मिली। हालांकि कुछ ड्रोन और मिसाइलों के कारण सीमित नुकसान भी हुआ है।
संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक कई इलाकों में हमले किए गए हैं। इन हमलों में अलग-अलग देशों के कुल 122 लोग घायल हुए हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यूएई सरकार ने कहा है कि देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी भी प्रकार के खतरे का सामना करने के लिए सेना तैयार है। रक्षा मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इन हमलों के कारण खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई देश इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इसी बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात पर चर्चा की और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
लावरोव ने बातचीत के दौरान कहा कि रूस इस विवाद का राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान चाहता है। उनका मानना है कि सैन्य टकराव से हालात और खराब हो सकते हैं, इसलिए सभी पक्षों को बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए।
रूस ने यह भी कहा कि वह तनाव कम करने के प्रयासों में मदद करने के लिए तैयार है। मॉस्को का मानना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी देशों के सुरक्षा हितों का ध्यान रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा संकट का असर पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले को गंभीरता से देख रहा है और जल्द से जल्द शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।


