पीलीभीत: यूपी के पीलीभीत में जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) के कर्मचारी (DRDA employee) हरजिंदर सिंह और उनकी पत्नी रेनू रविवार रात अपने किराए के मकान के बाथरूम (bathroom) में मृत पाए गए। पुलिस ने सोमवार को बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि बंद बाथरूम में गैस गीजर के इस्तेमाल से ऑक्सीजन की कमी हो गई होगी, जिससे दम घुटने से मौत हुई।
पुलिस ने बताया कि पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद उन्होंने रात करीब 11 बजे बाथरूम का दरवाजा तोड़कर खोला। दंपति गुरुकुलपुरम इलाके में किराए के मकान में रहते थे। हरजिंदर सिंह डीआरडीए में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी थे। उन्होंने छह साल पहले प्रेम विवाह के जरिए रेनू सक्सेना से शादी की थी। रेनू को हाल ही में मोटरसाइकिल दुर्घटना में हाथ में फ्रैक्चर हो गया था।
मकान मालिक अंशु जोशी के अनुसार, दिन में पहले से ही कुछ कपड़े छत पर सूखने के लिए रखे हुए थे। जब वे रात तक वहीं पड़े रहे, तो उन्होंने हरजिंदर सिंह को फोन करने की कोशिश की, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिला। रेनू को बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, जिससे संदेह और बढ़ गया। कमरे की तलाशी लेने पर अंदर कोई नहीं मिला। बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था, और बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं आया।
एक छोटे से छेद से झांकते हुए मकान मालिक ने बाथरूम के अंदर शव देखे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने वीडियोग्राफी करके शव बरामद किए। उस समय रेनू नग्न थी, जबकि हरजिंदर सिंह ने कपड़े, जूते और मोजे पहने हुए थे। कवीताल इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह ने बताया कि बाथरूम में खिड़की नहीं थी।
उन्होंने कहा, ऐसा लगता है कि हवादार न होने के कारण बाथरूम में गैस गीजर के इस्तेमाल से ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया, जिससे दंपति बेहोश हो गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का सही कारण पता चलेगा। दंपति किराए के मकान में अकेले रहते थे। आगे की जांच जारी है।


