बदायूं
चर्चित दोहरे हत्याकांड में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब दो फरार आरोपियों ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी केशव और चंद्रशेखर हैं, जो मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के सगे भाई बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से दोनों लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी।
दोनों आरोपियों ने पहले ही अपने वकील के माध्यम से जेएम प्रथम सौम्या अरुण की अदालत में आवेदन दाखिल कर दिया था। इसके बाद बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे दोनों ने नाटकीय अंदाज में कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया।
यह मामला 12 मार्च को मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुई दो अधिकारियों की दिनदहाड़े हत्या से जुड़ा है। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह पहले ही आत्मसमर्पण कर जेल जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच में सामने आई थी।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस हत्या की साजिश में अजय के भाई केशव सिंह और तहेरे भाई अभय प्रताप सिंह की भी अहम भूमिका थी। दोनों प्लांट में कार्यरत थे और घटना के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया था। इसी आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या की साजिश रचने की धाराएं जोड़ी थीं और उनकी तलाश तेज कर दी गई थी।
इस बीच, पुलिस ने फरार आरोपियों पर इनाम भी घोषित किया था। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने अभय प्रताप सिंह और केशव पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि, इनाम घोषित होने के अगले ही दिन केशव ने अपने भाई चंद्रशेखर के साथ अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे मामले में नया मोड़ आ गया।
पुलिस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय के अनुसार, कोर्ट ने रिमांड के लिए अगली तारीख तय कर दी है और पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। वहीं, फरार आरोपी अभय प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।


