कौशांबी जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में जल निगम, सिंचाई और नलकूप विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में देरी पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता को असुविधा न हो, इसके लिए अधूरे कार्य जल्द पूरे किए जाएं।
बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि कुल 275 पेयजल परियोजनाओं में से 165 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 63 परियोजनाओं से पानी की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। वहीं 102 परियोजनाओं का टेस्टिंग और ट्रायल रन जारी है और शेष 110 परियोजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिलाधिकारी ने ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, घर-घर कनेक्शन और सड़कों की मरम्मत जैसे कार्यों की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित फर्मों—जे.एम.सी. और बाबा जी.ए. इन्फ्रा.—को निर्देशित किया कि वे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करें, खासकर उन सड़कों की मरम्मत जो पाइपलाइन कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हुई हैं।
इसके अलावा नलकूप विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी नलकूपों को सुचारू रूप से चालू रखने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग को भी खरीफ फसल के मद्देनजर समय से तैयारियां पूरी करने को कहा गया, ताकि किसानों को पानी की कोई समस्या न हो। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


