22 C
Lucknow
Thursday, April 9, 2026

निजी स्कूलों की फीस पर डीएम विशाख जी सख्त, मनमाने तरीके से नहीं बढ़ा सकेंगे फीस, होगी कार्रवाई

Must read

लखनऊ: लखनऊ में निजी स्कूलों (private schools) की फीस को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। जिलाधिकारी विशाख जी (DM Vishakh) की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की अहम बैठक हुई। बैठक में फीस वृद्धि, शिकायतों के निस्तारण और नियमों के पालन पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रशासन ने साफ किया कि अब स्कूल मनमाने तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। अभिभावकों को राहत देने के लिए शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। फीस, यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

शुल्क वृद्धि पर कड़ी निगरानी के निर्देश

बैठक में स्पष्ट किया गया कि किसी भी विद्यालय द्वारा प्रस्तावित शुल्क वृद्धि की गहन जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शुल्क वृद्धि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

शिकायतों के निस्तारण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त

जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) ज्योति गौतम और जिला विद्यालय निरीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। अभिभावक स्कूल फीस या अन्य शैक्षणिक शिकायतों के लिए सीधे इन अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे।

तहसील स्तर पर जांच के लिए संयुक्त टीम गठित

जनपद स्तर पर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उपजिलाधिकारियों और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की संयुक्त टीम बनाई गई है। इन टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में प्राप्त शिकायतों की जांच कर समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर शुल्क का पूरा विवरण अनिवार्य

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालय अपनी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर फीस का पूरा विवरण प्रदर्शित करें। इसके साथ ही प्रत्येक शुल्क की रसीद देना अनिवार्य होगा और निर्धारित फीस से अधिक कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

कैपिटेशन फीस और जबरन खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध

बैठक में साफ किया गया कि किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। विद्यालय छात्रों को किसी विशेष दुकान से किताब, यूनिफॉर्म या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। ऐसा पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

यूनिफॉर्म में 5 साल तक बदलाव नहीं, NCERT किताबें अनिवार्य

निर्देश दिए गए कि किसी भी विद्यालय में लगातार पाँच शैक्षणिक वर्षों तक यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं किया जाएगा। जहां NCERT पाठ्यक्रम लागू है, वहां केवल NCERT की पुस्तकों से ही पढ़ाई कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यालय नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उस पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में विद्यालय की मान्यता या NOC भी समाप्त की जा सकती है।

अभिभावकों को शिकायत का पूरा अधिकार

छात्र, अभिभावक या अभिभावक-शिक्षक संघ के सदस्य फीस वृद्धि, किताबों या अन्य खरीद से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article