बाराबंकी। जनपद में फसल आकलन की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने नवाबगंज तहसील के लक्षबर बजहा गांव में पहुंचकर गेहूं की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केवल निरीक्षण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि खेत में उतरकर हाथ में हंसिया लेकर स्वयं गेहूं की फसल काटी और पूरी प्रक्रिया को करीब से परखा।
क्रॉप कटिंग प्रयोग कृषि विभाग की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से फसल की वास्तविक उत्पादकता का आंकलन किया जाता है। इसी के आधार पर किसानों को मिलने वाले मुआवजे, बीमा राशि और सरकारी योजनाओं का निर्धारण होता है। ऐसे में इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता अत्यंत आवश्यक होती है।
डीएम शशांक त्रिपाठी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और निर्देश दिए कि क्रॉप कटिंग पूरी तरह निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इसका सीधा असर किसानों के हितों पर पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी, लेखपाल और अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। डीएम ने मौके पर ही फसल की कटाई, माप और आंकलन की प्रक्रिया को देखा और यह सुनिश्चित किया कि सभी निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है।
स्थानीय किसानों ने जिलाधिकारी की इस पहल का स्वागत किया। किसानों का कहना था कि जब अधिकारी खुद खेत में उतरकर निरीक्षण करते हैं, तो इससे उन्हें भरोसा मिलता है कि उनके साथ न्याय होगा और सही आंकलन के आधार पर उन्हें लाभ मिलेगा।
डीएम ने किसानों से संवाद भी किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा।
यह पहल न केवल प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि किसानों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जा रहा है और पारदर्शिता के साथ काम किया जा रहा है।
डीएम शशांक त्रिपाठी का अनोखा निरीक्षण: खुद हंसिया उठाकर काटी गेहूं की फसल


