अब दिव्यांगों को मिलेगा घर तक पहुंचने का पक्का रास्ता
आजमगढ़। मानवता और प्रशासनिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने एक दिव्यांग दंपत्ति की गंभीर समस्या का तत्काल समाधान कर मिसाल कायम की है। मंगलवार को एक दिव्यांग युवक अपनी दिव्यांग पत्नी को पीठ पर बैठाकर घिसटते हुए डीएम कार्यालय पहुंचा था। युवक की पीड़ा को देखकर डीएम रविंद्र कुमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत एक्शन लिया और महज 24 घंटे के भीतर दिव्यांग दंपत्ति को उनके घर तक पक्का रास्ता मुहैया करा दिया।
कुंजी परगना चिरैयाकोट निवासी दिव्यांग अशोक कुमार ने डीएम से शिकायत की थी कि उसके गांव में चकबंदी के चलते घर तक कोई पक्का रास्ता नहीं है, जिससे बरसात के दिनों में आना-जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। डीएम से मुलाकात के बाद मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने भी मदद की और ट्राइसाइकिल की व्यवस्था कराई गई।
डीएम ने एसडीएम और तहसील अधिकारियों को तुरंत मौके पर भेजा और कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके तहत 10 कड़ी ज़मीन नापकर रास्ता दिया गया। इसके साथ ही मनरेगा के तहत खड़ंजा लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे दिव्यांगों को हर मौसम में सुविधा मिल सके।
डीएम की इस त्वरित और मानवीय कार्यप्रणाली की हर ओर सराहना हो रही है। जहां एक ओर प्रशासन अकसर फाइलों में उलझा रहता है, वहीं डीएम रविंद्र कुमार ने न केवल समस्या को सुना, बल्कि अगले ही दिन उसका समाधान भी दे दिया।