पीलीभीत। जिले में भ्रष्टाचार से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पत्नी के बैंक खाते में 1 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। बैंक द्वारा जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) को पत्र लिखकर इस ट्रांजैक्शन की जानकारी दी गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक इंटर कॉलेज में वर्षों से कार्यरत चपरासी इल्हाम शम्सी की पत्नी अर्शी खातून के खाते में एनईएफटी (NEFT) के माध्यम से करीब 1 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। यह लेन-देन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय से जुड़े संदिग्ध भुगतानों से संबंधित बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जांच में कुल 1.2 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली है। आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में डीआईओएस कार्यालय और संबंधित विभागों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। बैंक ने असामान्य वित्तीय गतिविधि को देखते हुए इसकी सूचना प्रशासन को दी थी।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही वित्तीय अभिलेखों और खातों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि सरकारी धन के दुरुपयोग या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आम लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के परिवार के खाते में इतनी बड़ी राशि कैसे पहुंची। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अधिकारियों का दावा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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