शाहजहांपुर: प्रशासन ने कहा- अब लापरवाही और भ्रष्टाचार (Corruption) की कोई जगह नहीं! जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह (DM Dharmendra Pratap Singh) ने गढ़िया रंगीन के प्रधान लालू प्रसाद के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए। पंचायत की चाबी फिलहाल उनके हाथ से हटाई जा चुकी है।
यह कार्रवाई ग्राम निधि में हुई भयानक अनियमितताओं के खुलासे के बाद हुई है। वर्ष 2024 में गांव निवासी भगवान शरण ने प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। डीएम ने मामले को सिर्फ गंभीर नहीं, बल्कि गंभीरतम मानते हुए एसडीएम तिलहर, एक्सईएन ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की संयुक्त जांच टीम से मामला छानबीन कराया।
जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली
सोमवार बाजार के पास तीन हैंडपंप बोरिंग और सुखपाल के घर के पास एक बोरिंग मानक से 1 मीटर कम पाई गई। इससे 34,270 + 34,188 रुपये की सीधी हानि हुई। 125 लाइटों की जांच में 12 स्टॉक में पड़ी रहीं, 91 खराब मिलीं, 17 लगी ही नहीं। कुल कीमत: 54,655 रुपये। गांव की सड़कें अंधेरे में डूबी, लेकिन फाइलों में “रोशनी” यह प्रशासन को साफ गब्बर के जैसा फर्जीपन लगा।
26 नवंबर 2024 को प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी प्रमोद कुमार वर्मा से जवाब मांगा गया, लेकिन प्रधान ने जिम्मेदारी कंसल्टेंट इंजीनियर पर डाल दी और दोष बंदरों व शरारती तत्वों पर मढ़ दिया। प्रशासन को यह मानने लायक नहीं लगा।
डीएम ने तय कियाः कुल 1,23,133 रुपये के दुरुपयोग की यह सटीक और गंभीर जाँच थी। परिणामस्वरूप प्रधान के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए। प्रधान लालू प्रसाद का कहना है कि आरोप राजनीतिक प्रेरित हैं, भ्रष्टाचार करने लेकिन प्रशासन का संदेश साफ और सख्त है वालों को कुर्सी और पैसा दोनों से हाथ धोना होगा।


