बिजनौर। भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिजनौर जिलाधिकारी आवास की कुर्की का आदेश जारी किया है। साथ ही जिलाधिकारी जसजीत को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
यह प्रकरण भूमि अधिग्रहण के बाद निर्धारित मुआवजे के भुगतान में देरी/अनुपालन न होने से जुड़ा है। प्रभावित पक्ष द्वारा अदालत में याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पूर्व में पारित आदेशों का समयसीमा के भीतर पालन नहीं किया गया, जिस पर नाराजगी जताते हुए यह सख्त आदेश दिया गया।
भूमि अधिग्रहण से जुड़ा विवाद कई वर्षों से लंबित है एक से अधिक परिवार/हितधारक मुआवजे की मांग पर अड़े।
अदालत के इस आदेश के बाद जिला प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि आदेश का तत्काल पालन नहीं हुआ, तो आगे दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है।
अगली सुनवाई में डीएम की पेशी के बाद अदालत मुआवजा भुगतान की समयसीमा, ब्याज/क्षतिपूर्ति, तथा जिम्मेदारी तय करने पर फैसला ले सकती है।






