वायो डीज़ल रिफायनरी में लगी आग की पांचवे चौथे दिन भी अधूरी — डीएम ने जताई सख्त नाराजगी

0
380

– 19 अक्टूबर को लगी थी आग, चार दिन बाद भी शुरू नहीं हुआ काम — लाखों का नुकसान, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

फर्रुखाबाद। जिले की चर्चित बायोफ्यूल रिफायनरी में 19 अक्टूबर की देर रात लगी भीषण आग की जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है।
चार दिन बीत जाने के बाद भी रिफायनरी का उत्पादन कार्य बंद पड़ा है, जबकि प्रशासनिक जांच टीमें अभी तक आग के वास्तविक कारणों तक नहीं पहुंच पाई हैं।
इस लापरवाही ने जिले में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आग से रिफायनरी के प्रमुख यूनिट को भारी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये मूल्य का उपकरण और कच्चा माल जलकर नष्ट हो गया।
स्थानीय कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्लांट में फायर सेफ्टी सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था, और आग लगने के बाद दमकल विभाग को सूचना देने में भी देरी हुई।
फायर विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसडीएम और पुलिस की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया,
लेकिन चार दिन बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को नहीं सौंपी गई।
डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आग की जांच में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि बायोफ्यूल प्लांट की कई अनापत्तियां (NOC) पिछले कई महीनों से लंबित हैं,
जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई है और संबंधित विभागों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा,
> “घटना की जांच तीन विभागों की संयुक्त टीम कर रही है। प्राथमिक रिपोर्ट में लापरवाही के संकेत मिले हैं।
यदि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो रिफायनरी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

फायर अधिकारी ने बताया कि घटना स्थल से साक्ष्य एकत्र कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है,
जिसमें आग लगने का कारण — शॉर्ट सर्किट, मशीन ओवरहीटिंग या मानवीय त्रुटि — स्पष्ट किया जाएगा।
रिफायनरी के आसपास के गांवों के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा इंतज़ामों की नियमित जांच की जाए।
वहीं, रिफायनरी के कर्मचारी भयभीत हैं और काम शुरू न होने से रोज़गार पर संकट मंडरा रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here