– मनमानी किताबों पर रोक की तैयारी, आदेश उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर चलेगा प्रशासन का डंडा
एटा । शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी ने साफ निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी निजी स्कूलों को एनसीईआरटी सिलेबस का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता या आदेश की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी निजी विद्यालय एनसीईआरटी के अलावा अन्य महंगी और अनधिकृत किताबें छात्रों पर थोपता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता पर सवाल, जुर्माना और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।
प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल एनसीईआरटी के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लागू कर रहे हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा था। कई मामलों में स्कूलों द्वारा तय दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा था।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने यह सख्त कदम उठाया है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और नियंत्रित बनाया जा सके।
डीएम ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी निजी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाए। स्कूलों में पढ़ाई जा रही किताबों, फीस संरचना और अन्य व्यवस्थाओं की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
यदि किसी भी विद्यालय में आदेशों का उल्लंघन पाया जाता है, तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम ने यह भी कहा कि एनसीईआरटी सिलेबस देशभर में एक समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे लागू करने से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में भी लाभ मिलेगा और शिक्षा का स्तर बेहतर होगा।
एनसीईआरटी सिलेबस को लेकर डीएम का सख्त रुख, निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी


