लखनऊ: उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में शुक्रवार से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में “दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0” (Divyangjan Rojgar Abhiyan) का शुभारंभ हो गया है। यह विशेष अभियान 06 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल रोजगार से जोड़ना ही नहीं, बल्कि उनकी अंतर्निहित प्रतिभा को निखारकर उन्हें प्रदेश की आर्थिक प्रगति में सहभागी बनाना है।
अभियान के प्रथम दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मुख्यालय, लखनऊ में मिशन निदेशक पुलकित खरे की अध्यक्षता में एक वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के सभी जनपदों के दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी, उपायुक्त (एमएसएमई) एवं जिला सेवायोजन अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान UPSDM एवं आईटीआई से प्रशिक्षित दिव्यांग युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में प्रशिक्षित दिव्यांग युवाओं की अद्यतन सूची तैयार कर उन्हें विभिन्न रोजगार अवसरों से जोड़ा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के प्रभाव का आकलन करने के लिए पूर्व में आयोजित ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान’ के अंतर्गत रोजगार प्राप्त कर चुके 720 दिव्यांगजनों से फीडबैक लिया जाए, ताकि भविष्य की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक में अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार, सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह एवं डॉ. पवित्रा टंडन सहित सभी जनपदों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने और अधिकतम दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए गए।


