फर्रुखाबाद: कलेक्ट्रेट सभागार में ‘उत्तर प्रदेश में बाल श्रम उन्मूलन (elimination of child labor) हेतु राज्य कार्य योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और जिला कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला (District level workshop) आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन श्रम विभाग और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, सहायक श्रमायुक्त नम्रता सिंह व अन्य अधिकारियों द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर तथा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक समस्या है और बच्चों को शिक्षा से वंचित करना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने वर्ष 2026 तक फर्रुखाबाद को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य बताते हुए सभी विभागों, संगठनों और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की। उपस्थित सभी प्रतिभागियों को बाल श्रम उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने कहा कि बाल श्रम अपराध है और इसकी रोकथाम में पुलिस हरसंभव कार्रवाई करेगी। श्रम विभाग के राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली ने वर्ष 2027 तक प्रदेश को बाल श्रम मुक्त करने के लक्ष्य की जानकारी दी और विभागीय समन्वय पर जोर दिया। कार्यक्रम में व्यापार मंडल, सामाजिक संगठनों, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड व अन्य विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रतिभागियों को टीमों में विभाजित कर चर्चा कराई गई और जिला स्तरीय एक्शन प्लान तैयार किया गया। अंत में हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


