अनुराग तिवारी
इटावा। जहां अक्सर सरकारी अस्पतालों को लेकर शिकायतें सामने आती हैं, वहीं जिला अस्पताल (मोतीझील) इटावा ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो न सिर्फ भरोसा जगाती है बल्कि पूरे सिस्टम पर गर्व करने का मौका भी देती है।
हाल ही में अस्पताल परिसर में एक महिला का पर्स गिर गया, जिसमें नकदी, गहने, जरूरी दस्तावेज़ और पहचान पत्र मौजूद थे। यह पर्स अस्पताल के एक कर्मचारी को मिला। कर्मचारी ने बिना किसी लालच के तुरंत इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला को दी।
डॉ. शुक्ला ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस और अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में पूरी जांच-पड़ताल के बाद पर्स को सुरक्षित तरीके से महिला के परिजनों को सुपुर्द किया गया। ईमानदारी, तत्परता और पारदर्शिता का संगम सरकारी जिला इटावा अस्पताल बन रहा है। यह घटना केवल एक पर्स लौटाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह साबित किया कि अस्पताल का स्टाफ पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य कर रहा है। प्रशासन हर मामले में संवेदनशील और सक्रिय है। पुलिस और अस्पताल का बेहतर समन्वय मौजूद है।
यह पूरी प्रक्रिया एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल के रूप में सामने आई।
मेडिकल प्रक्रिया में भी बेहतर व्यवस्था, जिला अस्पताल इटावा में इन दिनों सरकारी नौकरी में चयनित अभ्यर्थियों के मेडिकल परीक्षण भी सुचारू रूप से किए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है वही स्वास्थ्य टीम पूरी तत्परता और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। मेडिकल जांच के बाद मेडिकल सर्टिफिकेट भी समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस व्यवस्था ने युवाओं में अस्पताल के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।
स्वच्छता में भी अव्वल
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की उत्कृष्ट व्यवस्था देखने को मिल रही है। वार्ड से लेकर ओपीडी तक स्वच्छ वातावरण, नियमित सफाई और निगरानी, मरीजों और तीमारदारों के लिए बेहतर माहौल यह साफ दर्शाता है कि अस्पताल केवल इलाज ही नहीं, बल्कि एक स्वस्थ वातावरण देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। पूरी टीम का बढ़ा मनोबल बढ़ता है। इस पूरी व्यवस्था के पीछे अस्पताल की पूरी टीम का समर्पण और मेहनत है। कर्मचारी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं, स्वास्थ्य टीम तत्परता से सेवाएं दे रही है, प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। इससे कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ा है और वे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
डॉ. परितोष शुक्ला को विशेष बधाई
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला के नेतृत्व में जिला अस्पताल इटावा एक नई पहचान बना रहा है— ईमानदारी + पारदर्शिता + बेहतर प्रबंधन, उनकी कार्यशैली ने यह साबित कर दिया कि अगर नेतृत्व मजबूत हो, तो सरकारी संस्थान भी उत्कृष्ट उदाहरण बन सकते हैं।
जिला अस्पताल मोतीझील इटावा की यह पहल बताती है कि— “जब नीयत साफ हो, सिस्टम मजबूत हो और टीम समर्पित हो, तो हर चुनौती अवसर में बदल जाती है।”
ऐसे कर्मियों और अधिकारियों को दिल से सलाम, जो सेवा के साथ-साथ ईमानदारी और उत्कृष्टता को भी अपना धर्म मानते हैं।


