औरैया।
दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव काकराही स्थित जोगी डेरा गांव में रविवार दोपहर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब सपेरा समुदाय के एक युवक की मौत के बाद शव दफनाने को लेकर ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। बीमारी से युवक की मौत के बाद परिजन जब गांव में ही शव दफनाने लगे तो जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिससे मौके पर हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जोगी डेरा गांव निवासी सुंदर नाथ (35) काफी समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित था। रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई। सपेरा समुदाय में शव दफनाने की परंपरा के अनुसार परिजन गांव में ही अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि जिस स्थान पर शव दफनाया जा रहा है, वह ग्राम पंचायत की भूमि है और वहां दफनाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
विवाद की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी ने हालात को देखते हुए मामले की जानकारी सदर एसडीएम को दी, जिसके बाद राजस्व टीम भी गांव पहुंची। पुलिस और प्रशासन की टीम ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति बनने में समय लगा। इस दौरान करीब चार घंटे तक शव दफनाने की प्रक्रिया रुकी रही।
राजस्व टीम द्वारा स्थल का निरीक्षण कर दफनाने की जगह चिह्नित किए जाने के बाद ग्रामीणों की आपत्ति समाप्त हुई। पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और परिजन शव को दफना सके। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है और किसी प्रकार का विवाद शेष नहीं है।


