20.5 C
Lucknow
Friday, February 20, 2026

बजट पर चर्चाः सीएम योगी, अप्रैल से शिक्षामित्रों को 18,000, अनुदेशकों को 17,000 रुपये मिलेगा मानदेयः योगी

Must read

जिन विकास खंडों में कस्तूरबा विद्यालय नहीं हैं, वहां 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था: सीएम योगी

सीएम योगी ने की बड़ी घोषणा, गरीब, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग की बालिकाओं के लिए की जा रही विशेष व्यवस्था

स्कूल सुरक्षा ऑडिट के बाद अनुरक्षण कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये की घोषणाः सीएम योगी

सीएम कंपोजिट विद्यालयों के लिए 2,382 करोड़ रुपये तथा प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था

शिक्षकों और कार्मिकों के आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जाएगीः मुख्यमंत्री

लखनऊ: विधानसभा में बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए व्यापक सुधारों और नई घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सशक्तीकरण, शिक्षक कल्याण और छात्र सुविधाओं को अभूतपूर्व प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता, तकनीक, शोध और कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश को ज्ञान और नवाचार की अग्रणी शक्ति बनाना है। इस बजट में बड़ी घोषणा की गई है, जिसमें जिन विकास खंडों में कस्तूरबा विद्यालय नहीं हैं, वहां इनकी स्थापना के लिए 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है।

बेसिक शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहाकि पूर्व की तुलना में अब गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ड्रॉपआउट रेट में कमी आई है और कंपोजिट विद्यालयों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मिशन निपुण एवं डिजिटल एजुकेशन जैसे कार्यक्रम लागू किए गए हैं। कंपोजिट विद्यालयों के लिए भी पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए बजट में 580 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह व्यवस्था विशेष रूप से गरीब, पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग की बालिकाओं के लिए की जा रही है। इसके अतिरिक्त स्कूल सुरक्षा ऑडिट के बाद अनुरक्षण कार्यों के लिए 300 करोड़ रुपये, सीएम कंपोजिट विद्यालयों के लिए 2,382 करोड़ रुपये तथा प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों और कार्मिकों के आश्रित परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

शिक्षामित्रों के मानदेय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में 3,000 रुपये दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया था। अब अप्रैल से शिक्षामित्रों को 18,000 रुपये तथा अनुदेशकों को 17,000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। साथ ही पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और खेल सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है। पीएम श्री विद्यालयों के अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए बजट प्रावधान किया गया है। बालिकाओं के लिए 300 करोड़ रुपये से सेनेटरी नैपकिन की व्यवस्था की जाएगी। शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस सुविधा भी लागू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, कौशल, शोध और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर बल दिया गया है। नैक मूल्यांकन में प्रदेश के छह राज्य विश्वविद्यालयों को A++ रैंकिंग प्राप्त हुई है। नैक मान्यता प्राप्त संस्थानों की संख्या 95 से बढ़कर 158 हो गई है। एनआईआरएफ रैंकिंग में संस्थानों की संख्या 32 से बढ़कर 158 हो गई है। पेटेंट फाइलिंग में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पूर्व में संख्या अत्यंत कम थी, वहीं वर्तमान में 5,677 पेटेंट फाइल किए गए हैं और लगभग 350 स्वीकृत हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने विभिन्न मंडलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए हैं, जिनमें सहारनपुर, अलीगढ़, आजमगढ़, मिर्जापुर, देवीपाटन और मुरादाबाद मंडल शामिल हैं। निजी विश्वविद्यालयों के लिए पारदर्शी नीति लागू की गई है। नियमों के उल्लंघन पर दो विश्वविद्यालयों की मान्यता निरस्त भी की गई है।

उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा में वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के कैंपस की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। इसके अलावा स्किल इंडिया मिशन, सीएम विद्यालक्ष्मी योजना, चेवनिंग स्कॉलरशिप, एआई सर्टिफिकेशन सपोर्ट स्कीम, स्टेम हॉस्टल योजना (बालिकाओं हेतु) और रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा रहा है। सरकार ने विश्वविद्यालयों में शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन देने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय हेतु बजट में पृथक धनराशि का भी प्रावधान किया है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article