शिमला: हिमाचल प्रदेश में डिजिटल धोखाधड़ी (Digital scams) और ऑनलाइन घोटाले (online scams) भारत में एक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं, रोज़ाना नए मामले सामने आ रहे हैं और सभी आय वर्ग के लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। एक आम तौर पर सुझाया जाने वाला उपाय दैनिक लेनदेन, बचत और ब्याज आय के लिए दूसरा बैंक खाता रखना है। Airtel ने अपने एयरटेल पेमेंट्स बैंक के माध्यम से एक मज़बूत विकल्प पेश किया है, जिसका उद्देश्य सुरक्षित और सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करके ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा को बढ़ाना है।
कंपनी ने उपयोगकर्ताओं से अपने प्राथमिक बैंक खातों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए डिजिटल भुगतान के लिए एक सुरक्षित “द्वितीयक खाता” बनाने का आग्रह किया है। एयरटेल के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, गोपाल विट्टल ने अपने ग्राहकों को एक पत्र लिखकर डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी वर्तमान में बढ़ रही है, जिसमें नकली पार्सल डिलीवरी, पुरस्कार जीतने का झांसा देकर लिंक भेजना और डिजिटल गिरफ्तारी की धमकी जैसे नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, एयरटेल नेटवर्क पर किसी भी धोखाधड़ी गतिविधि से हमें गहरा दुख होता है। इसलिए, आपकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम दुनिया की पहली दूरसंचार कंपनी हैं जो AI-आधारित स्पैम कॉल और संदेश अलर्ट प्रदान करती है। हमने ऐसी तकनीक विकसित की है जो क्लिक होने पर भी फर्जी लिंक को ब्लॉक कर देती है।
उन्होंने आगे बताया कि धोखाधड़ी का एक बड़ा कारण यह है कि ज़्यादातर लोग हर भुगतान के लिए अपने प्राथमिक बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं। इसका मतलब है कि एक छोटी सी गलती भी उनकी पूरी बचत को खतरे में डाल सकती है। उन्होंने कहा, एयरटेल पेमेंट्स बैंक का लक्ष्य ग्राहकों को एक ऐसा भुगतान-केंद्रित खाता प्रदान करना है जो कम राशि होने पर भी पूरी तरह सुरक्षित रहे। सभी डिजिटल भुगतान इसी खाते के माध्यम से संसाधित होते हैं।
प्राथमिक बैंक खाता छोटी राशि पर भी किसी भी जोखिम और ब्याज से सुरक्षित रहता है। ग्राहक एयरटेल थैंक्स ऐप का उपयोग करके कुछ ही मिनटों में अपने मोबाइल फोन पर खाता खोल सकते हैं। प्रक्रिया सरल है—केवाईसी पूरा करें, एक एमपिन सेट करें, धनराशि डालें और तुरंत उपयोग शुरू करें।


