– मृत्यु की सूचना न मिलने पर 11 माह तक पेंशन भुगतान
– सरकारी धन के दुरुपयोग पर चिंता
फर्रुखाबाद: जनपद में पेंशन भुगतान प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। जारी कार्यालय ज्ञाप के अनुसार, पेंशनरों (pensioners) द्वारा प्रतिवर्ष जीवन प्रमाण पत्र कोषागार में उपस्थित होकर (भौतिक रूप से) अथवा डिजिटल माध्यम से जमा करने की व्यवस्था लागू है, लेकिन पेंशनरों की मृत्यु की समय पर सूचना न मिलने के कारण पेंशन खातों में अनावश्यक भुगतान होता रहा है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी कार्यालय के अनुसार, कई मामलों में पेंशनर की मृत्यु के बाद भी अगले वर्ष तक (लगभग 11 माह तक) पेंशन भुगतान जारी रहता है, जिससे राजकीय धन की क्षति होती है। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और सूचना तंत्र की कमजोरी को भी उजागर करती है। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी जनपद में कोषागार से पेंशन प्राप्त कर रहे किसी पेंशनर की मृत्यु हो जाती है, तो संबंधित पेंशन संग्राहक (बैंक/कोषागार) को हर माह की 25 तारीख तक यह सूचना अनिवार्य रूप से वरिष्ठ/मुख्य कोषाधिकारी को देनी होगी। इससे मृत पेंशनरों के खातों में होने वाले अतिरिक्त भुगतान को समय रहते रोका जा सकेगा।
निर्देशों के अनुपालन के लिए वरिष्ठ कोषाधिकारी द्वारा संबंधित विभागों, पेंशन संग्राहक संस्थाओं और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मृत पेंशनरों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान को सुदृढ़ बनाने के लिए कोषागार परिसर में एक विशेष कार्यशाला आयोजित किए जाने की भी तैयारी है।
सभी विभागों को भेजी गई प्रति
इस आदेश की प्रतिलिपि निदेशक कोषागार उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी फर्रुखाबाद, संबंधित पेंशन संग्राहक संस्थाओं, जिला सूचना अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों को भेजी गई है, ताकि जनपद में इसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके और व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।


