लखनऊ| इंडियन प्रीमियर लीग 2026 की शुरुआत से ठीक पहले चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक बड़ा झटका सामने आया है, क्योंकि टीम के दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी टूर्नामेंट के पहले दो हफ्तों में शायद मैदान पर नजर नहीं आएँगे। टीम द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, धोनी इस समय पिंडली की चोट से उबर रहे हैं और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। ऐसे में सीज़न की शुरुआत CSK को अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ी के बिना करनी पड़ सकती है।
चेन्नई सुपर किंग्स का पहला मुकाबला 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में खेला जाएगा। यह मैच टीम के लिए महत्वपूर्ण होगा, लेकिन धोनी की अनुपस्थिति में टीम संयोजन और नेतृत्व को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। शुरुआती मुकाबलों में टीम को संतुलन बनाए रखने के लिए वैकल्पिक रणनीति अपनानी पड़ सकती है।
धोनी, जो इस साल 45 वर्ष के हो जाएंगे, टीम में शामिल चार विकेटकीपरों में से एक हैं। उनके अलावा स्क्वाड में संजू सैमसन, कार्तिक शर्मा और उर्विल पटेल भी मौजूद हैं। 278 मैचों के साथ, धोनी आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं, जो उनके अनुभव और निरंतरता को दर्शाता है।
पिछले कुछ वर्षों से धोनी केवल आईपीएल में ही सक्रिय हैं और लगातार चोटों, खासकर घुटने की समस्या से जूझते रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने टीम के लिए अपनी उपयोगिता साबित की है और 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स को पांचवीं बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी मौजूदगी टीम के लिए केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती का भी स्रोत रही है।
धोनी की संभावित गैरमौजूदगी के दौरान, चेन्नई सुपर किंग्स को शुरुआती दो हफ्तों में पंजाब किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों का सामना करना होगा। यह अवधि टीम के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इस कठिन शुरुआत से कैसे उबरती है।


