सिर्फ 24 घंटे में क्यों दफनाई गईं, SIT ने पूर्व सफाईकर्मी को पकड़ा लेकिन कई सवाल अब भी बाकी
कर्नाटक| धर्मस्थल में जंगलों में सैकड़ों लावारिस लाशें मिलने के मामले में SIT ने पूर्व सफाईकर्मी चिन्नया उर्फ चेन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उसने जांच टीम के सामने बार-बार अपने बयान बदले और झूठे दावे किए। चिन्नया ने यह भी कहा था कि शवों को गैरकानूनी तरीके से बिना पुलिस की मौजूदगी में दफनाया गया। हालांकि डॉक्टरों और पुलिस रिकॉर्ड ने उसकी बातों को ग़लत साबित किया।
फिर भी सवाल यह है कि पंचायत रिकॉर्ड में दर्ज 160 लावारिस शवों की पहचान क्यों नहीं कराई गई? और उन्हें केवल 24 घंटे के भीतर ही क्यों दफनाया गया?
SIT की जांच किन बिंदुओं पर
कर्नाटक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सफाईकर्मी की गिरफ्तारी केवल जांच का एक हिस्सा है। केस बंद नहीं हुआ है। अभी कई एंगल पर पड़ताल जारी है—
क्या लावारिस शवों को नियमों के अनुसार दफनाया गया या कोई गड़बड़ी हुई?
इन शवों की पहचान कराने के लिए क्या कदम उठाए गए?
लापता लड़कियों की शिकायतों से इन शवों का कोई संबंध है या नहीं?
खुदाई के दौरान मिली हड्डियों और मिट्टी के नमूनों की फोरेंसिक रिपोर्ट क्या कहती है?
पुलिस का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। यह रिपोर्ट केस को बंद भी कर सकती है या फिर नई दिशा भी दे सकती है।
चिन्नया कौन है?
47 वर्षीय चिन्नया मांड्या ज़िले का रहने वाला है। उसने तीसरी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और 1994 में धर्मस्थल आकर सफाईकर्मी का काम करने लगा। बताया जाता है कि उसने तीन शादियाँ कीं और वर्तमान में तीसरी पत्नी के साथ रहता है।
गाँव के लोग कहते हैं कि वह अक्सर मंदिर से सामान और साड़ियाँ लेकर आता था। उस पर यह आरोप भी लगा कि शवों से गहने चुराता था। SIT अब यह भी जाँच कर रही है कि कहीं चिन्नया को जानबूझकर “मोहरा” तो नहीं बनाया गया।
सौजन्या केस से भी जुड़ सकता धागा
गौरतलब है कि धर्मस्थल का यह मामला सौजन्या केस से भी जोड़ा जा रहा है। कोर्ट ने इसमें पहले ही फैसला सुना दिया है, लेकिन चिन्नया के बदलते बयान इस केस को नई दिशा दे सकते हैं। सौजन्या का परिवार भी असली आरोपी को पकड़ने की मांग के साथ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।


