अमृतपुर/फर्रुखाबाद: जनपद फर्रुखाबाद में प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण ठप पड़ती नजर आ रही है। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था, लेकिन विभागीय लापरवाही से यह परियोजना अधर में लटक गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए क्षेत्र के लगभग 10 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। करीब 700 रजिस्ट्रियों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक केवल लगभग 170 रजिस्ट्रियां ही हो पाई हैं, जिससे परियोजना की गति धीमी पड़ गई है। निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है और तय समयसीमा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गांधी, गुजरामऊ और शेरखार गांव के किसान इस देरी से खासे प्रभावित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन गांवों की अधिग्रहण संबंधी रिपोर्ट अभी तक तैयार नहीं की गई है, जिसके चलते रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही। इससे किसानों को मुआवजा मिलने में देरी हो रही है और वे असमंजस की स्थिति में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। यूपीडा के स्तर पर कोई ठोस पहल न होने से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने शासन से मांग की है कि यूपीडा की कार्यशैली की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाकर एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को विकास का लाभ मिल सके।
जब इस संबंध में उपजिलाधिकारी संजय सिंह से फोन पर वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित गांवों की रजिस्ट्री के लिए अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


