– जातीय जनगणना से हर वर्ग को मिलेगा हक और सम्मान
– बीजेपी चाहती है समाज में झगड़ा
कन्नौज: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कन्नौज (Kannauj) दौरे के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस क्षेत्र से उनका पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि कन्नौज का विकास होगा, तभी यहां के लोगों का भी वास्तविक विकास हो पाएगा, लेकिन मौजूदा सरकार जनता को कोई ठोस उपलब्धि नहीं दे सकी है।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादियों ने जिन विकास कार्यों की शुरुआत की थी, उन्हें पूरा करना तो दूर, भारतीय जनता पार्टी कोई ऐसा नया काम भी नहीं कर पाई जिससे आम जनता को सीधा लाभ पहुंचे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगामी जनगणना को लेकर सरकार से स्पष्ट मांग करते हुए कहा कि इसमें जातीय जनगणना अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना होने से हर जाति और वर्ग को उसके अधिकार और सम्मान दिलाने में आसानी होगी, जिससे समाज में टकराव की स्थिति पैदा नहीं होगी।अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी समाज को आपस में लड़ाना चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी बराबरी और सामाजिक न्याय की राजनीति करती है।
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया और समाजवादी विचारधारा के नेता चाहते थे कि असम और उत्तर-पूर्व के इलाके देश की मुख्यधारा से गहराई से जुड़ाव महसूस करें। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को लेकर समाजवादी सोच हमेशा समावेशी रही है और देश की एकता को मजबूत करने पर जोर देती रही है।
पीडीए की ताकत से घबराई बीजेपी
अखिलेश यादव ने कहा कि हाल ही में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुट ताकत ने बीजेपी को चुनावी मैदान में हराया है। उन्होंने दावा किया कि पीडीए की बढ़ती ताकत से बीजेपी घबराई हुई है और इसी डर के कारण जनता का ध्यान भटकाने के लिए नए-नए मुद्दे लाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पीडीए की मजबूती की वजह से ही केंद्र सरकार यूजीसी जैसे मुद्दों को आगे ला रही है, ताकि असली सवालों से ध्यान हटाया जा सके। अखिलेश यादव ने दोहराया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति का केंद्र सामाजिक न्याय, समान अधिकार और भाईचारा है। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना से समाज को जोड़ने में मदद मिलेगी, न कि तोड़ने में।


