मैनपुरी । ग्वालियर-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिधूना चौराहे के समीप कीमती जमीन पर रोक आदेश के बावजूद पक्का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर एसडीएम गोपाल शर्मा राजस्व और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बुलडोजर चलवाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त करवा दिया। कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। वहीं दूसरे पक्ष ने स्थगन आदेश की जानकारी होने से इंकार किया है।
बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी इस जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा है और एसडीएम न्यायालय से इस पर रोक आदेश जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ लोगों ने होली की छुट्टियों का फायदा उठाते हुए रातों-रात लिंटर डालकर पक्का निर्माण कर लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कार्य काफी तेजी से किया गया, ताकि प्रशासन को इसकी भनक न लग सके।
मामले की जानकारी किसी व्यक्ति ने जिलाधिकारी अंजनी कुमार को दी। डीएम ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम गोपाल शर्मा को मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद एसडीएम राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
एसडीएम के पहुंचते ही अवैध निर्माण करने वाले पक्ष के लोग विरोध में आ गए और बुलडोजर देखकर निर्माण स्थल के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि पुलिस ने उन्हें समझाकर मौके से हटाया, जिसके बाद बुलडोजर से पक्के निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही पास में रखी झोपड़ी और अन्य अवैध कब्जों को भी हटवा दिया गया।
बताया गया कि दूसरे पक्ष के हाकिम सिंह, होशियार सिंह, रामप्रकाश, अन्नपूर्णा और मानसिंह बैनामे में सहखातेदार हैं। उनका कहना है कि उन्हें किसी भी प्रकार के स्थगन आदेश की जानकारी नहीं थी। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए मामले की जांच की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के रोक आदेश के बावजूद निर्माण कार्य किया गया था, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी या विवादित भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


