मैनपुरी
शहर में कूड़ा जलाने पर प्रतिबंध होने के बावजूद यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर पालिका क्षेत्र के कई स्थानों पर सफाई कर्मियों द्वारा खुलेआम कूड़े के ढेर में आग लगा दी जाती है, जिससे आसपास के इलाकों में धुआं फैल जाता है और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लगातार उठते धुएं और बदबू के कारण क्षेत्र के लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो जाता है, वहीं बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका के सफाई कर्मी नियमित रूप से कूड़े के ढेर में आग लगा देते हैं, जबकि प्रशासन की ओर से ऐसा करने पर स्पष्ट रोक लगाई गई है। इसके बावजूद जिम्मेदार कर्मचारी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और कूड़ा जलाकर छुटकारा पाने का आसान रास्ता अपना रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस समस्या की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
शहरवासियों का यह भी कहना है कि एक ओर जहां किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता है और थाने से लेकर तहसील स्तर तक की टीमें मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती हैं। कई मामलों में किसानों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली जाती है। वहीं दूसरी ओर नगर पालिका के सफाई कर्मियों द्वारा खुलेआम कूड़ा जलाने के मामलों में अधिकारियों की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया जाता, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
निवासियों का कहना है कि शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की होती है, लेकिन जब वही कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करेंगे तो पर्यावरण संरक्षण के प्रयास कैसे सफल हो सकेंगे। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कूड़ा जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि शहरवासियों को धुएं और प्रदूषण की समस्या से राहत मिल सके।


