यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस का फैसला, आज बैंकिंग कामकाज रहेगा प्रभावित
दिल्ली। देशभर के सरकारी बैंकों में आज बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने की संभावना है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का सीधा असर शाखाओं में लेनदेन, चेक क्लीयरेंस, कैश डिपॉजिट और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा।
5 दिन वर्किंग रूल लागू करने की मांग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांग है कि बैंकों में 5 दिन कार्य प्रणाली (5-Day वर्किंग रूल) को तत्काल लागू किया जाए। यूनियनों का कहना है कि अन्य सरकारी विभागों और कई निजी क्षेत्रों में यह व्यवस्था पहले से लागू है, ऐसे में बैंक कर्मचारियों को इससे वंचित रखना अनुचित है।
यूनियन नेताओं के मुताबिक, इस मांग को लेकर केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है। हालांकि, अब तक किसी ठोस निर्णय पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते यूनियनों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर
बैंक यूनियनों का कहना है कि लगातार बढ़ते काम के दबाव और लंबी ड्यूटी के कारण कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस प्रभावित हो रहा है। यूनियन का स्पष्ट कहना है कि
“बैंकों में भी कर्मचारियों का निजी जीवन है, और बेहतर कार्यक्षमता के लिए संतुलित कार्य समय जरूरी है।”
ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
हड़ताल के चलते
सरकारी बैंकों की शाखाओं में कामकाज सीमित रहेगा,
कैश काउंटर, लोन प्रोसेसिंग और दस्तावेजी कार्य प्रभावित होंगे,
ऑनलाइन सेवाएं चालू रह सकती हैं, लेकिन शाखा आधारित सेवाओं पर असर पड़ेगा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार और IBA ने जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
देशव्यापी हड़ताल ने एक बार फिर बैंकिंग सेक्टर में कर्मचारियों की मांगों और सरकार के रुख को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।





