वॉशिंगटन
अमेरिका में ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब अपने ही देश में घिरते नजर आ रहे हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसदों ने उनकी युद्ध नीति पर तीखे सवाल उठाते हुए इसे असफल और खतरनाक करार दिया है।
अमेरिकी संसद की विदेश मामलों से जुड़ी समितियों के प्रमुख डेमोक्रेटिक नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अमेरिका अपने घोषित उद्देश्यों को हासिल नहीं कर सका है।
सांसदों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बिना स्पष्ट रणनीति और पर्याप्त विचार-विमर्श के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की। अब यह संघर्ष अमेरिका के लिए भारी पड़ता जा रहा है।
डेमोक्रेटिक नेताओं में ग्रेगरी मीक्स, एडम स्मिथ और जिम हाइम्स जैसे वरिष्ठ सांसद शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से ईरान की सैन्य या राजनीतिक स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
उनके अनुसार, ईरान अब भी अपने परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल विकास और क्षेत्रीय प्रभाव को बनाए हुए है, जिससे यह साफ है कि अमेरिकी कार्रवाई अपने लक्ष्य से भटक गई है।
सांसदों ने युद्ध में हुए नुकसान का जिक्र करते हुए बताया कि अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घायल हुए हैं। इसके अलावा, अरबों डॉलर के सैन्य संसाधनों को भी भारी क्षति पहुंची है।
मानवीय नुकसान को लेकर भी सांसदों ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में हजारों ईरानी नागरिकों की जान गई है, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।
सांसदों ने चेतावनी दी कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में अमेरिका के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है और कट्टरपंथ को बढ़ावा मिल रहा है, जो भविष्य में और बड़े खतरे पैदा कर सकता है।
आर्थिक मोर्चे पर भी इस युद्ध के गंभीर असर सामने आ रहे हैं। वैश्विक स्तर पर तेल, खाद और हीलियम जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में उछाल आया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।
डेमोक्रेटिक नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन ने अपने सहयोगी देशों के साथ संबंधों को कमजोर किया है। कई पारंपरिक सहयोगी अब इस युद्ध में खुलकर अमेरिका का समर्थन करने से बच रहे हैं।
बयान में कहा गया कि इस स्थिति ने अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व क्षमता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप से स्पष्ट रूप से यह बताने की मांग की है कि यह युद्ध कब और किस रणनीति के तहत समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि देश को अनिश्चितता में नहीं रखा जा सकता।
अंत में, डेमोक्रेटिक सांसदों ने जोर देकर कहा कि इस संघर्ष का समाधान केवल कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही संभव है। उन्होंने तत्काल युद्धविराम और ईरान के साथ संवाद शुरू करने की अपील की, ताकि एक और लंबे और विनाशकारी युद्ध से बचा जा सके।


