ललितपुर
वस्तगुवाँ गांव के 20 से अधिक ग्रामीण शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और गांव के बीचों-बीच संचालित देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के बीच दुकान होने से गांव का माहौल बिगड़ रहा है और सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं।
थाना बार क्षेत्र के वस्तगुवाँ गांव के लोगों ने बताया कि शराब की दुकान के आसपास अक्सर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। नशे में धुत लोग आपस में झगड़ा करते हैं और कई बार महिलाओं से अभद्र व्यवहार भी करते हैं, जिससे गांव की महिलाएं और परिवार असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई कि इस माहौल का बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे रोजाना इन गतिविधियों को देखते हैं, जिससे उनके मानसिक और सामाजिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने का खतरा है। गांव के लोग लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं और कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने 3 मार्च को विधायक, आबकारी विभाग और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दुकान हटाने की मांग की थी। उस समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 1 अप्रैल से दुकान को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इससे नाराज ग्रामीण एक बार फिर एकजुट होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्या को प्रमुखता से रखा। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की, ताकि गांव में शांति और सुरक्षित वातावरण स्थापित किया जा सके।
ज्ञापन देने वालों में निहाल, जीवन, रामसेवक, मनोज, मनीराम, सरमन और चतुर्भुज सहित कई ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।


