वृंदावन। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे एवं संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ब्रज के संतों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। सनातन धर्म रक्षापीठ वृंदावन के पीठाधीश्वर एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के पक्षकार कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विशेष जांच समिति गठित करने की मांग की है।
कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने अपने पत्र में कहा है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट की गतिविधियों में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मंदिर के आय-व्यय का सार्वजनिक विवरण जारी करने, मंदिर की संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराने तथा जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है।
पत्र में विशेष रूप से रघुवंशी एवं सूर्यवंशी क्षत्रिय समाज को मंदिर ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग भी उठाई गई है। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम सूर्यवंशी रघुकुल के आदर्श पुरुष रहे हैं, इसलिए उनके वंश से जुड़े समाज को ट्रस्ट में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने विभिन्न समाजों के धार्मिक एवं प्रतिष्ठित व्यक्तियों को भी ट्रस्ट में शामिल करने का सुझाव दिया है, जिससे प्रबंधन और लेखा-जोखा में पारदर्शिता बढ़ सके।
कथावाचक कौशल किशोर ठाकुर ने दावा किया कि मंदिर से जुड़े कुछ मामलों को लेकर विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की गई हैं और इस संबंध में निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने यह मांग मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से भी दर्ज कराई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व पूर्व कारसेवक संतोष दुबे द्वारा भी राम मंदिर ट्रस्ट में सूर्यवंशी-रघुवंशी समाज की भागीदारी की मांग उठाई जा चुकी है। अब इस मुद्दे को लेकर ब्रज क्षेत्र के संतों द्वारा भी मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है।
संत समाज का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई से श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा। हालांकि, संबंधित आरोपों पर अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है।


