– कानपुर सांसद रमेश अवस्थी नें संसद में उठाई आवाज
नई दिल्ली/कानपुर। महान क्रांतिकारी, निर्भीक पत्रकार और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक गणेश शंकर विद्यार्थी को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग संसद में उठाई गई। कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाते हुए उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने की आवश्यकता बताई।
सांसद रमेश अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी केवल एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और सामाजिक एकता के सच्चे प्रहरी थे। उन्होंने अपने समाचार पत्र ‘प्रताप’ के माध्यम से ब्रिटिश शासन के अन्याय और अत्याचारों के खिलाफ निर्भीक आवाज उठाई और आम जनता को जागरूक करने का काम किया।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थी ने महान क्रांतिकारी भगत सिंह सहित कई स्वतंत्रता सेनानियों को वैचारिक और नैतिक समर्थन दिया, जो स्वतंत्रता आंदोलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। सांसद ने 25 मार्च 1931 की उस घटना का भी उल्लेख किया, जब कानपुर में सांप्रदायिक दंगों के दौरान गणेश शंकर विद्यार्थी ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को बचाने का प्रयास किया और इसी दौरान उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत पर महात्मा गांधी ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें असाधारण व्यक्तित्व बताया था।
संसद में मांग रखते हुए सांसद ने कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी की स्मृति में उनकी शहादत स्थल का विकास कर भव्य स्मारक बनाया जाए, साथ ही इसे राष्ट्रीय पत्रकारिता संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें।
इसके अलावा उन्होंने उत्तर प्रदेश में विधानसभा परिसर और संसद भवन में भी उनकी प्रतिमा स्थापित करने का सुझाव दिया। सांसद ने कहा कि आजादी के अमृत काल में ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों और पत्रकारों को सम्मानित करना देश का कर्तव्य है।
सांसद रमेश अवस्थी ने जोर देकर कहा कि गणेश शंकर विद्यार्थी का जीवन और बलिदान देश के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके अद्वितीय योगदान को देखते हुए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।


